केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: CJP और छात्र आंदोलन की ऐतिहासिक जीत
देश की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक व धांधलियों के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के भारी दबाव के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसे Gen-Z और देश के युवाओं के संगठित संघर्ष की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।
आंदोलन की मुख्य बातें और घटनाक्रम:
- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन: पिछले कुछ हफ्तों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में लगातार प्रदर्शन चल रहे थे, जिसमें छात्रों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
- पेपर लीक के खिलाफ रोष: देश भर के छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं से त्रस्त थे, जिसके चलते शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग सबसे प्रमुख थी।
- सरकार पर दबाव: सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक चले इस लंबे विरोध प्रदर्शन के आगे आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सामने आया।
नोट: हालांकि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा छात्रों के आंदोलन की पहली बड़ी जीत है, लेकिन CJP और छात्र संगठनों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता और अन्य लंबित मांगों के पूरा होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
यह वीडियो इस छात्र आंदोलन और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़ी ताजा और विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।


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