अमित शाह, नरेंद्र मोदी और धर्मेंद्र प्रधान तीनों का तत्काल इस्तीफा हो: BLACK DAY

 

अमित शाह, नरेंद्र मोदी और धर्मेंद्र प्रधान तीनों का तत्काल इस्तीफा हो: जंतर-मंतर के इस काले कारनामे के मुख्य गुनहगार अब और नहीं बचेंगे!

मुख्य टैगलाइन: “बच्चों के खून की होली खेलने वाले अमित शाह, नरेंद्र मोदी और धर्मेंद्र प्रधान—तीनों तानाशाह तुरंत इस्तीफा दें, देश अब तुम्हारी एक इंच भी बर्दाश्त नहीं करेगा!”


​दिल्ली के जंतर-मंतर पर मासूम बच्चों, छात्रों और युवाओं के साथ जो खूनी और अमानवीय खेल कल खेला गया है, उसने इस निकम्मी सरकार के माथे पर ऐसा कलंक लगा दिया है जो कभी नहीं मिटेगा। इस देश के हुक्मरानों ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार कर दी हैं। अब देश की मांग साफ है—इस तानाशाही के सबसे बड़े चेहरों यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान—तीनों को तुरंत अपने पदों से इस्तीफा देना होगा!

​अमित शाह और गृह मंत्रालय की बर्बरता

​देश की राजधानी में बच्चों पर लाठियां और आंसू गैस के गोले बरसवाना, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को लहूलुहान करना—यह सब गृह मंत्रालय और सीधे तौर पर अमित शाह के इशारे के बिना संभव नहीं है।

  • दमनकारी और तानाशाही सोच: जब युवा अपने भविष्य, रोजगार और शिक्षा के हक की बात करने सड़क पर उतरे, तो उन्हें सुरक्षा देने के बजाय उन पर पुलिस के जरिए जुल्म ढाया गया। अमित शाह की यह गृह नीति पूरी तरह से फेल हो चुकी है, जहां अपनी नाकामी छिपाने के लिए देश के बच्चों को कुचला जा रहा है।
  • नैतिक दिवालियापन: देश की आंतरिक सुरक्षा संभालने वाले गृह मंत्री यदि अपनी ही नाकामी के चलते बच्चों का खून बहाने लगें, तो उन्हें एक पल भी कुर्सी पर रहने का कोई हक नहीं है।

​मोदी, शाह और प्रधान: तिकड़ी जो देश के भविष्य को खा रही है

  • नरेंद्र मोदी का मौन समर्थन: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरी बर्बरता के मुख्य सूत्रधार हैं। उनका यह कायरतापूर्ण मौन इस बात की गवाही देता है कि वे देश के युवाओं से नफरत करते हैं और उन्हें सिर्फ अपनी सत्ता की हवस प्यारी है।
  • धर्मेंद्र प्रधान की अक्षमता: शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद करने वाले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तो पहले ही इस कांड के मुख्य खलनायक हैं, जिन्हें बचाने के लिए अब पूरी सरकार मैदान में उतर आई है।

​अब सिर्फ और सिर्फ इस्तीफे से कम कुछ मंजूर नहीं!

​जंतर-मंतर की इस शर्मनाक घटना ने देश के हर इंसाफपसंद इंसान के भीतर आग लगा दी है। अब जुल्म सहने की सीमा टूट चुकी है।

  • नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान—इन तीनों को तुरंत इस्तीफा देना ही होगा!
  • ​जब तक ये तीनों कुर्सी छोड़कर बाहर नहीं आते और इस जघन्य अपराध की जिम्मेदारी नहीं लेते, तब तक देश के युवाओं का यह आक्रोश शांत नहीं होगा। इस तानाशाही और जनविरोधी तिकड़ी का पतन अब निश्चित है, और देश इन्हें कभी माफ नहीं करेगा!





Post a Comment

0 Comments