‘मुसीबतउल्लाह’ से IPS अफसर तक का सफर: पिता की एक बात ने बदल दी जिंदगी
बिहार के सिवान के रहने वाले मोहिबुल्लाह अंसारी की कहानी हर उस छात्र के लिए प्रेरणा है जो कभी-कभी खुद पर भरोसा खो देता है। एक समय था जब उन्हें स्कूल में 'मुसीबतउल्लाह' कहकर चिढ़ाया जाता था, लेकिन आज वह एक सफल IPS अधिकारी हैं।
"पास होने लायक तो नंबर लेकर आओ!" - यह वही ताना था जिसने मोहिबुल्लाह के जीवन की दिशा बदल दी।
असफलता से शुरुआत
मोहिबुल्लाह पढ़ाई में औसत थे और अक्सर शरारतों के कारण मुश्किलों में घिरे रहते थे। 10वीं और 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाओं में फेल होने के बाद, जब उनके पिता ने उनसे यह बात कही, तो उन्हें अपनी स्थिति का अहसास हुआ। यहीं से उनके अंदर बदलाव की आग जली।
संघर्ष और सफलता के पड़ाव
- IIT का सपना: पिता की बात दिल पर लेने के बाद उन्होंने कड़ी मेहनत की और JEE क्लियर करके IIT दिल्ली में दाखिला लिया।
- कॉर्पोरेट की राह छोड़ी: B.Tech के बाद नौकरी तो की, लेकिन 12 दिन में ही समझ आ गया कि उनका लक्ष्य कुछ और है। उन्होंने नौकरी छोड़ दी।
- UPSC का सफर: 2015 से तैयारी शुरू की। शुरुआती तीन प्रयासों में असफलता हाथ लगी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
- मंजिल हासिल की: 2021 में अपने चौथे प्रयास में UPSC परीक्षा क्रैक की और 381वीं रैंक हासिल कर IPS बने।
आज की पहचान
वर्तमान में मोहिबुल्लाह अंसारी बिहार के मुजफ्फरपुर में सिटी एसपी (City SP) के पद पर तैनात हैं। उनकी कहानी यह सिखाती है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो कोई भी लक्ष्य हासिल करना नामुमकिन नहीं है।
