मद्रास हाईकोर्ट में हलचल: मुख्यमंत्री विजय पर लगा बच्चों को 'ब्लैकमेल' करने का आरोप
चेन्नई: हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद तमिलनाडु की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मद्रास हाईकोर्ट में दायर दो चुनावी याचिकाओं में मुख्यमंत्री और 'तमिझागा वेत्री कझगम' (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
DMK के दो पूर्व उम्मीदवार—आर.डी. शेखर (पेरम्बूर) और एस. इनिगो इरुदयाराज (तिरुचि पूर्व)—जिन्होंने मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ चुनाव लड़ा था, ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों का अनुचित इस्तेमाल किया।
याचिकाकर्ताओं ने अपनी दलील में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने 21 अप्रैल, 2026 को चेन्नई के YMCA ग्राउंड्स में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान बच्चों को "ब्लैकमेल" करने वाली भाषा का इस्तेमाल किया।
याचिकाकर्ताओं के मुख्य तर्क
- बच्चों के जरिए दबाव: याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने बच्चों से अपील की थी कि वे अपने परिवारों के बड़ों पर दबाव डालें कि वे वोट केवल TVK पार्टी को ही दें।
- सबूत के तौर पर वीडियो: शिकायतकर्ताओं ने अदालत में एक DVD जमा की है, जिसमें उस चुनावी भाषण की वीडियो क्लिप मौजूद है, जिसे मुख्य आधार माना जा रहा है।
- चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन: याचिकाकर्ताओं के अनुसार, यह कार्य चुनावी नियमों और आचार संहिता का उल्लंघन है।
कोर्ट का रुख
न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने इन याचिकाओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है कि क्या बच्चों का चुनावी प्रचार में इस्तेमाल करना नैतिक है या यह चुनावी कदाचार की श्रेणी में आता है।
ब्लॉगर्स के लिए सुझाव:
- हेडलाइन: इसे और अधिक आकर्षक बनाने के लिए आप "विजय की मुश्किलें बढ़ीं" या "चुनावों पर संकट के बादल" जैसे शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं।
- तथ्यों की पुष्टि: चूंकि यह एक कानूनी मामला है, भविष्य के अपडेट्स पर नजर रखें।
- निष्पक्षता: लेख में दोनों पक्षों के दावों को संतुलित रखना आपके ब्लॉग की विश्वसनीयता बढ़ाएगा।
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