ईरान की राजधानी तेहरान पर इस वक्त पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई है और इस सब की वजह है ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर
आयतुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार। [संगीत] पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम दर्शन और अंतिम विदाई के लिए लाखों लोग सड़कों पर उमड़ पड़े हैं। ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों से आए प्रतिनिधि [संगीत] मंडल भी इस अंतिम संस्कार समारोह में शामिल हो रहे हैं। भारत की ओर से भी एक प्रतिनिधि मंडल तेहरान पहुंचा है। जिसने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर को श्रद्धांजलि भी दी। आपको [संगीत] यह भी बता दें कि आयतुल्लाह अली खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार 4 जुलाई से 9 जुलाई तक आयोजित है। इजराइल और अमेरिका के हमलों के कारण उनके निधन [संगीत] के 4 महीने के बाद यह छह दिवसीय अंतिम संस्कार शुरू हो रहा है और इस बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और खुफिया एजेंसियों का ध्यान अपनी [संगीत] ओर खींच लिया है। दरअसल यह तस्वीर है ईरान के सबसे ताकतवर सैन्य अधिकारियों में गिने जाने [संगीत] वाले जनरल अहमद वाहिदी की। वही अहमद वाहिदी जिनके बारे में पिछले कई महीनों से इजराइली मीडिया में लगातार यह दावा किया जा रहा था कि वह मारे जा [संगीत] चुके हैं। लेकिन अब ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी वीडियो में अहमद वाहिदी को आयतुल्लाह अली खामेनेई के ताबूत के पास खड़े होकर श्रद्धांजलि उन्हें देते हुए दिखाया गया। उन्होंने ताबूत पर हाथ रखकर प्रार्थना की और इस एक दृश्य [संगीत] ने उन सब अटकलों पर सवाल खड़े कर दिए जो उनकी मौत को लेकर के लगाई जा रही थी। बता दें कि ईरान इजराइल युद्ध के दौरान जनरल [संगीत] वाहिदी सार्वजनिक रूप से लगभग पूरी तरह गायब हो गए थे और ऐसे समय में जब ईरान के कई वरिष्ठ और सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया गया और सुरक्षा खतरे लगातार बढ़ते रहे उनकी गैर मौजूदगी को लेकर कई तरीके की चर्चाएं [संगीत] शुरू हो गई थी। लेकिन अब उनकी सार्वजनिक मौजूदगी यह संकेत देती है कि ईरान अपने शीर्ष सैन्य नेतृत्व [संगीत] को लेकर के दुनिया को एक स्पष्ट संदेश देना चाहता था। जनरल अहमद वाहिदी को ईरान की सैन्य रणनीति का अहम चेहरा माना जाता है। उनका नाम लंबे समय से इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स यानी कि आईआरजीसी से जुड़ा रहा और उन्हें ईरान की सुरक्षा व्यवस्था के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना [संगीत] जाता है। ईरान की सरकारी मीडिया ने कुछ तस्वीरें जारी की जिसमें जनरल अहमद वाहिदी को खामेनेई के अंतिम संस्कार के बारे में एक बैठक [संगीत] में शामिल होते हैं और फिर उनके ताबूत के पास बैठे हुए दिखाया गया। देखिए गुरुवार रात तेहरान के डाउन टाउन इलाके में सुप्रीम लीडर के पुराने घर के पास ईरान के धार्मिक नेतृत्व ने उनके लिए एक छोटी सी प्रार्थना सभा आयोजित की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक वाहिदी अपने पूर्ववर्ती कमांडरों के मुकाबले कहीं ज्यादा आक्रामक और बेरहम है। के उस खतरनाक कुद्स फोर्स के सबसे पहले कमांडर रह चुके हैं जिसका नेतृत्व बाद में जनरल कासिम सुलेमानी ने किया था। उन्होंने मध्य पूर्व में ईरान समर्थक सशस्त्र गुटों का नेटवर्क खड़ा किया था। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने परमाणु कार्यक्रम और साल 2022 में [संगीत] महसा अमिनी की मौत के बाद हुए आंतरिक प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचलने के आरोपों में उन पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे थे। जानकारों का यह भी कहना है कि अमेरिका के साथ युद्ध को स्थाई रूप से खत्म करने की बातचीत में ईरान के कड़े रुख को तय करने में वाहिदी का एक अहम रोल रहा, भूमिका निभाया [संगीत] इन्होंने। माना यह भी जाता है कि वो उस छोटी सी समूह का हिस्सा है जो ईरान के नए सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह मुस्तफा खामेनेई के सीधे संपर्क में है। आपको यह भी बता दें कि मुस्तफा 28 फरवरी को हुए इजराइली हमलों में घायल होने के बाद से छुपे हुए हैं जबकि हमलों में उनके पिता अली खामेनेई की मौत हो गई थी। और दूसरी ओर आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मध्य पूर्व एशिया, अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों से कई [संगीत] देशों के प्रतिनिधि तेहरान पहुंच रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक और कूटनीतिक हस्तियां श्रद्धांजलि अर्पित इन्हें कर रही भारत की ओर से भी एक प्रतिनिधि मंडल ने समारोह में भाग लेकर के अपनी संवेदना व्यक्त [संगीत] की है जो दोनों देशों के लंबे कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता भी है। और अब पूरी दुनिया की नजर सिर्फ अंतिम संस्कार पर नहीं बल्कि उन संदेशों पर भी है जो इस समारोह से निकल करके सामने आ रहे हैं। क्या जनरल अहमद वाहिदी की यह सार्वजनिक मौजूदगी इजराइल और अमेरिका को सीधा संदेश है? क्या ईरान यह दिखाना चाहता है कि उसके शेष सैन्य नेता सुरक्षित हैं और उसका नेतृत्व पूरी तरह सक्रिय है? खबरों की रणभूमि में यहां शोर नहीं सोच लड़ती है। जहां शब्द नहीं फैक्ट्स वार करते हैं और हर सवाल खुलता है सच की नई परत। चक्रव्यूह आपके अपने सुमित अवस्थी [संगीत] के साथ सोमवार से शुक्रवार शाम 6:57 पर टाइम्स नाउ नवभारत पर। [संगीत]